मौन धरने की समाप्ति के समय राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, नायाब तहसीलदार नवीन चालोत्रे को सौंपा गया। इसमें यह माँग की गई कि आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल नहीं किया जाए एवं आरक्षण आर्थिक आधार पर हो। इस अवसर पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री अनिलसिंह चन्देल, राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य हरदयालसिंह ठाकुर, जिला अध्यक्ष द्रुपदसिंह पंवार, शहर अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह राठौड़, युवाङ्क्षवग प्रदेश सचिव दर्शन ठाकुर, युवाविंग के संभागीय अध्यक्ष राजा ठाकुर, युवाङ्क्षवग के शहर अध्यक्ष आनन्दसिंह खींची, कोर कमेटी सदस्य सर्वश्री विजयसिंह गौतम, अर्जुनसिंह सिकरवार, वीरेन्द्रसिंह पंवार, उदयसिंह चंदेल, राघवेन्द्रसिंह भदौरिया, हरेन्द्रसिंह परिहार, शहर कार्यकारी अध्यक्ष अशोकसिंह तोमर, चन्दरसिंह भाटी, संगठन के पदाधिकारी शक्ति सिंह बैस, पी.एस. परिहार , राजेशसिंह दीखित, अनिल राजपूत, विनोदसिंह बैस, अनूपसिंह राणा, अन्तरसिंह चौहान, मोहनसिंह सोलंकी, श्रवणसिंह भदौरिया, रामनाथ सिंह सेंगर, कुलदीपसिंह गेहलोत, राजेन्द्रसिंह चन्द्रावत, लाखनसिंह असावत, सूरजसिंह बैस, भारतसिंह राठौर, सुरेशसिंह कुशवाह, कोमलसिंह कुशवाह, इन्दरसिंह जादौन, राजेन्द्रसिंह दीखित, धर्मेन्द्रसिंह पवार, गंभीरसिंह पंवार, शिवदानसिंह, देवेन्द्रसिंह गौतम, सत्येन्द्रसिंह सिकरवार, शिवसिंह बैस, जयसिंह गोहिल, दारासिंह, भानू तोमर, इन्द्रजीतसिंह कुशवाह, प्रशान्तसिंह गेहलोत, प्रदीपसिंह परिहार, अमनसिंह बैस, कपिलसिंह सोलंकी, सौदानसिंह सिसोदिया, नरेन्द्रसिंह चौहान, मलखानसिंह दीखित, विशालसिंह राजपूत, राजपालसिंह परिहार, उदयसिंह बैस, पुष्पेन्द्रसिंह एवं महिला ङ्क्षवग की पदाधिकारी श्रीमती सुमन राठौड़, श्रीमती हेमलता दीखित, श्रीमती हेमन्तकुंवर राठौर के अतिरिक्त सपाक्स के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।